खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त: दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया बंद करने के निर्देश | Pahad Plus
Breaking Newsआस-पड़ोसउत्तर प्रदेशउत्तराखंडदेश-विदेशस्वास्थ्यहिमाचल
Trending

खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त: दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया बंद करने के निर्देश

Government takes a strict stance on food safety: Directives issued to close the mess and cafeteria at Doon Medical College and Dev Bhoomi University. आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर कार्रवाई, सुधार होने तक संबंधित मेस-कैफेटेरिया बंद रखने के आदेश

खाद्य सुरक्षा को लेकर सरकार सख्त: दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के मेस-कैफेटेरिया बंद करने के निर्देश

  • FDA की छापेमारी में मिलीं गंभीर अनियमितताएं, जांच के लिए 10 खाद्य नमूने लिए गए
  • आयुक्त विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर कार्रवाई, सुधार होने तक संबंधित मेस-कैफेटेरिया बंद रखने के आदेश

देहरादून, ब्यूरो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल के निर्देशों के अनुरूप प्रदेश में आमजन को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग (FDA) की ओर से अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर देहरादून और विकासनगर क्षेत्र में विभिन्न संस्थानों के मेस एवं कैफेटेरिया का औचक निरीक्षण किया गया।

हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"

निरीक्षण के दौरान गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज और देवभूमि यूनिवर्सिटी के भोजनालयों में खाद्य सुरक्षा मानकों से संबंधित कई गंभीर कमियां सामने आईं। इसके बाद संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया को नोटिस जारी करते हुए कमियों में सुधार होने तक बंद रखने के निर्देश दिए गए।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

  • दून मेडिकल कॉलेज के मेस और कैफेटेरिया में मिलीं खामियां

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश के क्रम में सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने गवर्नमेंट दून मेडिकल कॉलेज के बॉयज मेस, गर्ल्स मेस और कैफेटेरिया का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मेस में कार्यरत कर्मचारियों के मेडिकल फिटनेस प्रमाणपत्र उपलब्ध नहीं मिले।

इसके अलावा पानी की जांच रिपोर्ट, खाद्य पदार्थों से संबंधित आवश्यक रिपोर्ट और पेस्ट कंट्रोल के दस्तावेज भी मौके पर नहीं पाए गए। गर्ल्स हॉस्टल के मेस के स्टोररूम में जंग लगी अलमारियां मिलीं। निरीक्षण के दौरान जीवित कॉकरोच भी पाए गए। वहीं, खिड़कियों और किचन के दरवाजों पर जाली नहीं होने के कारण मक्खियों एवं अन्य कीटों के प्रवेश की आशंका भी सामने आई। मौके पर कैटरर का वैध खाद्य लाइसेंस भी उपलब्ध नहीं पाया गया।

FDA अधिकारियों ने मेस से खुली हल्दी, दही और तैयार छोले के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे। इसके अतिरिक्त दून मेडिकल कॉलेज के कैफेटेरिया के किचन में भी कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच से संबंधित रिपोर्ट उपलब्ध नहीं मिली। संदेह के आधार पर तैयार दाल और डिलिशियस फैट स्प्रेड के नमूने भी जांच के लिए लिए गए।

देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का भी निरीक्षण

विकासनगर क्षेत्र में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संजय तिवारी की टीम ने देवभूमि यूनिवर्सिटी के किचन का औचक निरीक्षण किया। यहां भी खाद्य लाइसेंस, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और पानी की जांच रिपोर्ट मौके पर उपलब्ध नहीं मिलीं।

निरीक्षण के दौरान दाल मखनी मसाला, राजमा मसाला, तैयार अरहर दाल और पालक-आलू की सब्जी के नमूने लिए गए।

इसके अतिरिक्त नंदा की चौकी स्थित एक प्रतिष्ठान से पनीर का नमूना भी जांच के लिए एकत्र किया गया। इस अभियान के दौरान कुल 10 खाद्य नमूने एकत्र कर राज्य खाद्य विश्लेषण प्रयोगशाला भेजे गए हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

सुधार नहीं तो लाइसेंस पर होगी कार्रवाई

FDA अधिकारियों ने संबंधित संस्थानों को निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को निर्धारित समयसीमा में दूर करने के निर्देश दिए हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित होने तक संबंधित मेस एवं कैफेटेरिया बंद रखने के निर्देश दिए गए हैं।

विभागीय अधिकारियों के अनुसार, आगे भी औचक निरीक्षण जारी रहेंगे और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। FDA ने स्पष्ट किया कि आम नागरिकों, विद्यार्थियों, मरीजों और अस्पतालों में भर्ती लोगों को सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस अभियान में सहायक आयुक्त मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी रमेश सिंह, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह तथा अन्य अधिकारी शामिल रहे।

जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं : विनय शंकर पांडेय

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

उन्होंने कहा कि अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थानों, हॉस्टलों और अन्य भोजनालयों में भोजन की स्वच्छता तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है। खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों और खाद्य कारोबारियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित लाइसेंस के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button