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अवैध निर्माण पर MDDA ने कसा शिकंजा, इंजीनियर्स एन्कलेव में अवैध व्यावसायिक निर्माण किया सील

MDDA cracks down on illegal construction; seals unauthorized commercial structure in Engineers Enclave.

  • अवैध निर्माण पर MDDA का शिकंजा, इंजीनियर्स एन्कलेव में व्यावसायिक निर्माण सील, पुलिस की मौजूदगी में हुई कार्रवाई
  • बिना मानचित्र स्वीकृति के बनाए जा रहे थे टिन शेड और कमरे, पुलिस बल की मौजूदगी में हुई कार्रवाई

देहरादून, ब्यूरो। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) की ओर से राजधानी देहरादून में अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे अवैध निर्माणों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण की ओर से नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माण कार्यों को चिह्नित कर संबंधित लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में प्राधिकरण की टीम ने इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किए जा रहे निर्माण पर कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में की गई।

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बिना मानचित्र स्वीकृति के हो रहा था निर्माण

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अनिल सक्सेना एवं अन्य की ओर से मिलन विहार के सामने, इंजीनियर्स एन्कलेव, कावली, देहरादून स्थित स्थल पर बिना मानचित्र स्वीकृति के व्यावसायिक कार्यों के लिए टिन शेड और कमरों का निर्माण किया जा रहा था। निर्माण कार्य के लिए आवश्यक स्वीकृति नहीं होने के कारण प्राधिकरण ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

MDDA की ओर से उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम, 1973) संशोधन अधिनियम, 2009 की सुसंगत धाराओं के अंतर्गत संबंधित पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके साथ ही मौके पर चल रहे अवैध निर्माण कार्य को रोकने के निर्देश भी दिए गए। प्राधिकरण ने मामले में वाद योजित करते हुए नियमानुसार सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की।

सुनवाई में नहीं मिले संतोषजनक जवाब

प्राधिकरण की ओर से उक्त मामले में सुनवाई के लिए 12 अक्टूबर 2026 की तिथि निर्धारित की गई थी। निर्धारित तिथि पर संबंधित पक्ष सुनवाई के दौरान उपस्थित हुआ। हालांकि, प्राधिकरण के अनुसार संबंधित पक्ष की ओर से व्यावसायिक निर्माण के लिए आवश्यक स्वीकृति से जुड़े अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए। साथ ही, निर्माण को लेकर दिया गया प्रतिउत्तर भी संतोषजनक नहीं पाया गया।

आवश्यक दस्तावेज और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने के बाद प्राधिकरण ने मामले में आगे की कार्रवाई की। इसके तहत मौके पर किए गए अवैध निर्माण को सील करने की कार्रवाई की गई। यह कार्रवाई पुलिस बल की मौजूदगी में संपन्न कराई गई, ताकि कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहे और प्राधिकरण के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

अवैध निर्माण पर लगातार हो रही निगरानी

MDDA की ओर से देहरादून और मसूरी क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग, बिना मानचित्र स्वीकृति के निर्माण और स्वीकृत मानचित्र के विपरीत किए जा रहे निर्माणों पर निगरानी रखी जा रही है। प्राधिकरण का उद्देश्य नियोजित शहरी विकास को बढ़ावा देना और भवन निर्माण से संबंधित नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। बिना आवश्यक अनुमति के व्यावसायिक अथवा अन्य निर्माण किए जाने पर संबंधित पक्ष को नोटिस जारी करने, सुनवाई करने और नियमानुसार कार्रवाई करने की प्रक्रिया अपनाई जाती है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि बिना आवश्यक स्वीकृति के निर्माण करने वालों के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। MDDA की ओर से लोगों से अपील की जाती है कि भवन निर्माण अथवा व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्माण शुरू करने से पहले आवश्यक मानचित्र और संबंधित अनुमतियां प्राप्त कर लें, ताकि बाद में सीलिंग जैसी कार्रवाई का सामना न करना पड़े।

बंशीधर तिवारी, उपाध्यक्ष MDDA का बयान

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण का प्रयास है कि राजधानी देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित किया जाए। इसके लिए अवैध प्लाटिंग और बिना मानचित्र स्वीकृति के किए जा रहे निर्माणों के विरुद्ध लगातार कार्रवाई की जा रही है। निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित व्यक्ति को प्राधिकरण से आवश्यक मानचित्र स्वीकृत कराना अनिवार्य है। नियमों का उल्लंघन कर किए जा रहे निर्माणों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। आम नागरिकों से अपील है कि भवन निर्माण और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए निर्धारित नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार का निर्माण आवश्यक अनुमति प्राप्त करने के बाद ही शुरू करें।

मोहन सिंह बर्निया, सचिव MDDA का बयान

प्राधिकरण की ओर से अवैध निर्माणों के मामलों में नियमानुसार नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाता है। इंजीनियर्स एन्कलेव स्थित मामले में सुनवाई के दौरान व्यावसायिक निर्माण की स्वीकृति से संबंधित अभिलेख प्रस्तुत नहीं किए गए और जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई। अवैध निर्माणों के विरुद्ध प्राधिकरण की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

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