स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की बैठक आयोजित, ASHA कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव – डॉ. रश्मि पंत
State ASHA Mentoring Group Core Committee meeting held; ASHA workers are the foundation of our healthcare system - Dr. Rashmi Pant

स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की बैठक आयोजित, ASHA कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव – डॉ. रश्मि पंत
- स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की बैठक आयोजित
देहरादून, ब्यूरो। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM), उत्तराखंड द्वारा आज दिनांक 19 जनवरी 2026 को स्टेट ASHA मेंटरिंग ग्रुप कोर समिति की महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत द्वारा की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य राज्य में ASHA कार्यक्रम के अंतर्गत कार्यरत ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावी, सुदृढ़ एवं परिणामोन्मुख बनाना रहा। बैठक के दौरान सहायक निदेशक (कम्युनिटी प्रोसेसेज़) डॉ. अजय कुमार नागरकर द्वारा ASHA कार्यक्रम पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।
उन्होंने बताया कि ASHA कार्यकर्ता विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत समुदाय स्तर पर रोकथाम, स्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वास्थ्य जागरूकता (Prevention & Health Awareness) के उद्देश्य से एक मजबूत कड़ी के रूप में कार्य कर रही हैं।
डॉ. अजय कुमार नागरकर ने प्रभावी मेंटरिंग के माध्यम से ASHA कार्यकर्ताओं की क्षमताओं को और अधिक निखारा जा सकता है। बैठक में निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड डॉ. रश्मि पंत के मार्गदर्शन में यह निर्देशित किया गया कि ASHA मेंटरिंग के माध्यम से VHND, PLA बैठकों, जन आरोग्य समिति तथा अन्य सामुदायिक मंचों पर उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं के लाभों का अधिकतम उपयोग (Benefit Utilization) सुनिश्चित किया जाए।
इसके साथ ही मेंटरिंग प्रक्रिया में Program Specific दृष्टिकोण अपनाते हुए राज्य में ASHA मेंटरिंग समूह की कार्यप्रणाली को और अधिक सशक्त, प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि ASHA कार्यकर्ताओं की ऑन-साइट मेंटरिंग को मजबूत करने हेतु एक व्यवस्थित एवं संरचित मेंटरिंग ढांचे का विकास किया जाए। इसके अंतर्गत तकनीकी मानकों का निर्धारण, जिला, ब्लॉक एवं फील्ड स्तर पर बेहतर समन्वय, सतत निगरानी एवं प्रभावी फीडबैक तंत्र की स्थापना पर विशेष जोर दिया गया।
इससे न केवल ASHA कार्यकर्ताओं की कार्यक्षमता में वृद्धि होगी, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों के लक्ष्यों की प्रभावी प्राप्ति भी सुनिश्चित की जा सकेगी। इस अवसर पर AIIMS ऋषिकेश से डॉ. वार्तिका सक्सेना (प्रमुख, सामुदायिक चिकित्सा विभाग) एवं डॉ. सुमित सिंह (सहायक प्राध्यापक, सामुदायिक चिकित्सा विभाग) द्वारा ASHA मेंटरिंग हेतु संरचित (Structured) फ्रेमवर्क पर आधारित तकनीकी प्रस्तुति दी गई। उन्होंने मेंटरिंग के वैज्ञानिक एवं व्यवहारिक पक्षों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि एक स्पष्ट ढांचा, नियमित मूल्यांकन एवं फील्ड आधारित सहयोग से ASHA कार्यकर्ताओं की भूमिका को और अधिक प्रभावशाली बनाया जा सकता है।
बैठक में उपस्थित विशेषज्ञों द्वारा यह भी सुझाव दिया गया कि मेंटरिंग के दौरान स्थानीय आवश्यकताओं, भौगोलिक परिस्थितियों एवं समुदाय की सामाजिक संरचना को ध्यान में रखा जाए, ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी हो सके। बैठक में डॉ. कौशिकी, डॉ. अंकित, डॉ. हिमांशु, डॉ. पल्लवी धौलाखंडी, श्रीमती सीमा मेहरा सहित राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन एवं संबद्ध संस्थानों के अन्य अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने ASHA मेंटरिंग प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु अपने-अपने सुझाव साझा किए।
यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड के अंतर्गत जनस्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने, समुदाय की भागीदारी बढ़ाने तथा राज्य के प्रत्येक नागरिक तक स्वास्थ्य सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगी।
ASHA कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव- डॉ. रश्मि पंत
डॉ. रश्मि पंत निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तराखंड ने कहा ASHA कार्यकर्ता हमारे स्वास्थ्य तंत्र की नींव हैं, जो समुदाय और स्वास्थ्य सेवाओं के बीच सेतु का कार्य करती हैं। प्रभावी मेंटरिंग के माध्यम से हम उनकी क्षमताओं को और अधिक सशक्त बना सकते हैं।
हमारा प्रयास है कि VHND, PLA बैठकों एवं अन्य सामुदायिक मंचों के माध्यम से उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अधिकतम लोगों तक पहुँचे। Program Specific दृष्टिकोण के साथ एक संरचित मेंटरिंग ढांचे के विकास से ASHA कार्यकर्ताओं का आत्मविश्वास, कार्यकुशलता एवं परिणामों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा, जिससे राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के लक्ष्यों की प्राप्ति और अधिक प्रभावी रूप से हो सकेगी।






