गुप्तकाशी के इस इलाके में महिला की करंट लगने से हुई मृत्यु पर DM प्रतीक सख्त, मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश
DM Pratik strict on the death of a woman due to electrocution in this area of Guptkashi, orders magisterial inquiry

गुप्तकाशी के ग्राम मस्ता (नाला) में महिला की करंट लगने से हुई मृत्यु पर DM प्रतीक जैन ने मजिस्ट्रियल जांच के दिए आदेश
- एसडीएम ऊखीमठ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया
ऊखीमठ/ रुद्रप्रयाग, ब्यूरो। गुप्तकाशी क्षेत्र के ग्राम मस्ता (नाला) में आज एक अत्यंत दुखद दुर्घटना घटित हो गई, जिसमें घास लेने गई एक महिला की करंट लगने से मौके पर ही मृत्यु हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार महिला पेड़ पर चढ़कर पशुओं के लिए घास हेतु पत्तियां काट रही थी। इसी दौरान पेड़ की एक टहनी टूटकर नीचे से गुजर रही विद्युत लाइन पर गिर गई, जिससे विद्युत प्रवाह टहनी के माध्यम से महिला तक पहुंच गया और उसे करंट लग गया। घटना इतनी अचानक हुई कि महिला को संभलने का कोई अवसर नहीं मिला और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केन्द्र, रुद्रप्रयाग द्वारा तत्काल विद्युत विभाग गुप्तकाशी, एसडीआरएफ, पुलिस बल तथा 108 एम्बुलेंस को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। राहत एवं बचाव टीमों ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्यवाही की। मृतका के शव को आवश्यक विधिक कार्यवाही हेतु जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग भेजा गया है।
इस गंभीर घटना का संज्ञान लेते हुए जिला मजिस्ट्रेट रुद्रप्रयाग प्रतीक जैन ने मामले में मजिस्ट्रियल जांच के आदेश जारी किए हैं। जिलाधिकारी द्वारा दिनांक 27.01.2026 को प्रातः 11:45 बजे हुए इस प्रकरण की मजिस्ट्रियल जांच हेतु उप जिला मजिस्ट्रेट, ऊखीमठ को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है।
जांच अधिकारी को निर्देशित किया गया है कि वह 02 दिवस के भीतर मामले की विस्तृत मजिस्ट्रियल जांच पूर्ण कर अपनी जांच आख्या जिलाधिकारी को उपलब्ध कराएं। जांच के दौरान दुर्घटना के कारणों, उत्तरदायित्व निर्धारण, भविष्य में ऐसी घटनाओं की रोकथाम के उपाय तथा मृतका के उत्तराधिकारियों को राहत सहायता प्रदान किए जाने के संबंध में स्पष्ट अभिमत प्रस्तुत करना सुनिश्चित किया जाएगा।
जिला प्रशासन द्वारा घटना पर गहरा दुःख व्यक्त करते हुए आमजन से अपील की गई है कि विद्युत लाइनों के समीप पेड़ों पर चढ़ने अथवा टहनियां काटने जैसे कार्य अत्यधिक सावधानी के साथ करें, ताकि भविष्य में इस प्रकार की दुखद घटनाओं से बचा जा सके।




