शिक्षक राधेश्याम नौटियाल “शास्त्री” इतने साल की सेवा के बाद कमल संस्कृत विद्यालय पुरोला से हुए सेवा निवृत
Teacher Radheshyam Nautiyal "Shastri" retired from Kamal Sanskrit Vidyalaya Purola after so many years of service.

शिक्षक राधेश्याम नौटियाल “शास्त्री” इतने साल की सेवा के बाद कमल संस्कृत विद्यालय पुरोला से हुए सेवा निवृत
पुरोला/देहरादून, ब्यूरो। अनन्तलीला विभूषित श्रीमन्नारायण भगवान की कृपा से सृजित संसार में जीवों के जन्म का निर्धारण कर्मों के आधार पर होता है।
इसी क्रम में ‘बड़े भाग मानुष तन पावा” इस उक्ति के अनुसार श्री शिकारु नाग देवता की छत्र छाया में परिरक्षित कमल गंगा नदी के सुरम्य तट पर अवस्थित ग्राम-पुजेली (खलाड़ी) के ब्रह्मकुल में उत्पन्न सत्यनिष्ठा की तपोमूर्ति स्व० श्रीमान बैजराम नौटियाल जी (पिता) व माता स्वर्गीया श्रीमती मंजरी देवी के पावन गर्भ से आप जैसे कर्तव्यनिष्ठ साधना की प्रतिमूर्ति श्री राधेश्याम नौटियाल जी (शास्त्री) के रूप में संसार में जाना गया। आपकी पूर्व शिक्षा श्री कमल संस्कृत विद्यालय में पूर्ण होकर शास्त्री आचार्य की उपाधि ऋषिकेश से प्राप्त कर आपके द्वारा श्री कमल संस्कृत विद्यालय पुरोला उत्तरकाशी में 01.07.1999 में विद्यालय में अध्यापक के रूप में अविरल सेवा देते हुए 28.02.2026 को सेवानिवृत्त हो रहे हैं।
आप द्वारा अध्ययन अध्यापन काल में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए संस्कृत शिक्षक के रूप में सहायक अध्यापक पद पर सुशोभित होते हुए जो सहयोग, शिक्षा, अनुशासन एवं कुशल व्यवहार की जो छाप छात्रों के जीवन में व हम सब संपूर्ण विद्यालय परिवार के बीच में छोड़ी वह सदैव स्मरणीय रहेगा। आप एक कुशल ज्योतिषीय गणितज्ञ, कर्मकाण्डी, कुशल कथावक्ता के रूप में भी पहचाने जाते हैं। इतना लंबा समय कब बीत गया यह हमें अचंभित-सा कर रहा है।
आज आप विद्यालय से एवं विद्यालय परिवार से सेवानिवृत हो रहे हैं, अतः हम सब विद्यालय प्रबन्धन एवं अध्यापक परिवार आपके सजीवन की उच्चतर प्रगति की कामना के साथ आपके दीर्घायु की कामना करते हैं। तथा आपकी धर्मपत्नी श्रीमती जशोदा देवी, पुत्रों एवं पुत्रवधु सहित सबके मंगलमय जीवन की कामना के साथ आपके स्वर्गीय माता-पिता को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आदर और स्नेह सहित यह विदाई पत्र आपके सेवा में प्रेषित करते हैं।












