प्रसिद्ध निशानेबाज और शूटिंग कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में दिल्ली में निधन, दौड़ी शोक की लहर
Renowned shooter and shooting coach Jaspal Rana passes away in Delhi at the age of 49; a wave of grief spreads.

- उत्तराखंड के प्रसिद्ध राष्ट्रीय निशानेबाज और शूटिंग कोच जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में दिल्ली के मैक्स अस्पताल में निधन हो गया। वह बीमारी के चलते अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती थे, प्राप्त जानकारी के अनुसार उनके कार्डियक ब्लॉकेज को साफ करने के लिए स्टेंट सर्जरी की गई थी और वह स्थिर होकर ठीक हो रहे थे, लेकिन फिर अचानक उनका निधन हुआ।
जसपाल राणा 2012 के बाद से कोचिंग क्षेत्र में सक्रिय हुए और देश के कई प्रमुख पिस्टल शूटर्स को प्रशिक्षित किया, सबसे महत्वपूर्ण योगदान के रूप में, वह डबल ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर के कोच थे जो 2024 पेरिस ओलंपिक में मेडल जीतकर देश का नाम रोशन किया।
- फरवरी 2025 से वह 25 मीटर पिस्टल में भारत के हाई परफॉर्मेंस कोच थे।
- उत्तराखंड के जौनपुर से आने वाले जसपाल राणा बेहद प्रतिभावान निशानेबाज थे, उन पर लोक भाषा में गीत भी बने हुए है।
- उनके जाने से देश और उत्तराखंड राज्य को एक बड़ी क्षति हुई है।
मुख्यमंत्री धामी ने दिवंगत निशानेबाज जसपाल राणा के आवास पहुंचकर व्यक्त की शोक संवेदना
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज पद्मश्री से सम्मानित एवं अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त निशानेबाज स्वर्गीय श्री जसपाल राणा के देहरादून आवास पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय जसपाल राणा के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और उनके निधन पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए शोक संतप्त परिजनों को इस दुःख की घड़ी में धैर्य एवं संबल प्रदान करने की कामना की।
मुख्यमंत्री ने शोकाकुल परिवारजनों से भेंट कर उन्हें सांत्वना दी और ईश्वर से दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करने की प्रार्थना की।
*”देवभूमि की माटी के लाल, महान निशानेबाज और द्रोणाचार्य अवॉर्डी जसपाल राणा जी के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद और स्तब्ध करने वाला है। यह संपूर्ण खेल जगत और हमारे उत्तराखंड के लिए एक ऐसा शून्य है, जिसे कभी भरा नहीं जा सकेगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय पटल पर तिरंगा लहराकर देश का मान बढ़ाया और कोच के रूप में मनु भाकर जैसी अद्भुत खेल प्रतिभाओं को तराशा। उनका मार्गदर्शन इतिहास में हमेशा स्वर्ण अक्षरों में दर्ज रहेगा। बाबा केदारनाथ और भगवान बद्रीविशाल पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिजनों व प्रशंसकों को यह अपार दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।”*
– रेखा आर्या, कैबिनेट मंत्री उत्तराखंड सरकार
स्वर्गीय जसपाल राणा को श्रद्धांजलि देने उनके घर पहुंची ऋतु खण्डूडी भूषण, अध्यक्ष विधानसभा उत्तराखंड













