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हरेला पर्व की धूम : हर्षोल्लास के साथ मनाया गया यहां उत्तराखंड का लोकपर्व ‘हरेला’, लिया यह संकल्प

Harela Festival Celebrations: Uttarakhand's folk festival 'Harela' celebrated here with great enthusiasm; a pledge was taken.

  • उत्तराखंड SDRF वाहिनी मुख्यालय जॉलीग्रांट में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया उत्तराखंड का लोकपर्व ‘हरेला दिवस’
  • अधिकारियों, कार्मिकों, प्रशिक्षणरत रिक्रूट्स एवं उत्तराखंड पुलिस के सेवानिवृत्त अधिकारियों ने किया पौधरोपण, पर्यावरण संरक्षण का लिया संकल्प

देहरादून, ब्यूरो। इस साल 16 जुलाई, 2026 को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, जॉलीग्रांट में उत्तराखंड के लोकपर्व हरेला दिवस के अवसर पर पौधरोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, हरित उत्तराखंड के निर्माण तथा प्रकृति के प्रति जन-जागरूकता का संदेश देना रहा।

इस अवसर पर सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी के नेतृत्व में वाहिनी मुख्यालय में उपस्थित अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा विभिन्न स्थानों पर फलदार एवं छायादार वृक्षों का रोपण किया गया। सभी प्रतिभागियों ने पौधों के संरक्षण एवं नियमित देखभाल का संकल्प लेते हुए अधिक से अधिक पौधे लगाने तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति समाज को जागरूक करने का संदेश दिया।

कार्यक्रम में RTC से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे रिक्रूट्स एवं प्रशिक्षण स्टाफ ने भी पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए वृक्षारोपण किया। प्रशिक्षणरत रिक्रूट्स को हरेला पर्व के सांस्कृतिक महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण की आवश्यकता से अवगत कराते हुए प्रकृति के प्रति उत्तरदायित्व निभाने के लिए प्रेरित किया गया।

विशेष रूप से उत्तराखंड पुलिस के 15 सेवानिवृत्त अधिकारी एवं कार्मिकों ने भी इस अभियान में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए वृक्षारोपण किया। उनका सहभाग पर्यावरण संरक्षण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का परिचायक रहा तथा वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बना।

इस अवसर पर सेनानायक SDRF अर्पण यदुवंशी ने समस्त अधिकारियों, कार्मिकों, प्रशिक्षणरत रिक्रूट्स एवं उपस्थित सेवानिवृत्त अधिकारियों को हरेला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हरेला उत्तराखंड की संस्कृति, प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक पर्व है। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का संरक्षण एवं संवर्धन भी पूरी जिम्मेदारी के साथ किया जाए। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कार्मिकों से आह्वान किया कि वे पर्यावरण संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं तथा अधिक से अधिक वृक्ष लगाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं हरित वातावरण के निर्माण में अपना योगदान दें।

केवल वाहिनी मुख्यालय ही नहीं, बल्कि राज्यभर में व्यवस्थापित SDRF की विभिन्न पोस्टों पर भी हरेला दिवस पूरे उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। सभी पोस्टों पर अधिकारियों एवं कार्मिकों द्वारा पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं उन्हें सुरक्षित रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

SDRF द्वारा आयोजित यह पौधरोपण अभियान उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपरा, प्रकृति के प्रति सम्मान तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति सामाजिक उत्तरदायित्व का सशक्त उदाहरण है। SDRF भविष्य में भी आपदा प्रबंधन के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण एवं जन-जागरूकता से जुड़े ऐसे जनहितकारी अभियानों में सक्रिय सहभागिता निभाता रहेगा।

वृक्षारोपण कार्यक्रम के दौरान उपसेनानायक शुभांक रतूड़ी, सहायक सेनानायक संजय उप्रेती, शिविरपाल प्रमोद रावत, आर.आई. आरटीसी मधु रावत, सूबेदार मेजर जयपाल राणा, एस आई विजय रयाल सहित अन्य अधिकारी व कार्मिक उपस्थित रहे।

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