अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर विकासनगर से ऋषिकेश तक MDDA का शिकंजा, 3 जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील
MDDA cracks down on illegal plotting and construction from Vikasnagar to Rishikesh, demolishes three sites and seals two.

अवैध प्लॉटिंग और निर्माण पर विकासनगर से ऋषिकेश तक MDDA का शिकंजा, 3 जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील
- विकासनगर से ऋषिकेश तक प्राधिकरण की कार्रवाई, तीन जगह ध्वस्तीकरण और दो निर्माण सील, बिना मानचित्र स्वीकृति भूखंड काटने वालों पर सख्ती
देहरादून, ब्यूरो। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में विकासनगर क्षेत्र में अवैध रूप से की जा रही तीन प्लॉटिंग के खिलाफ ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई, जबकि ऋषिकेश क्षेत्र में दो स्थानों पर अवैध निर्माणों को सील किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से अवैध रूप से जमीन पर प्लॉट काटकर बेचने और बिना आवश्यक अनुमति निर्माण करने वालों को स्पष्ट संदेश दिया गया है कि नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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प्राधिकरण की टीम ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर अवैध प्लॉटिंग और निर्माण की स्थिति का निरीक्षण किया। इस दौरान संबंधित स्थलों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों में ध्वस्तीकरण तथा अनधिकृत निर्माणों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई।
भीमावाला में चार से पांच बीघा अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त
प्राधिकरण की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, विकासनगर के भीमावाला क्षेत्र में छोटी कैनाल रोड स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पीछे संजय चौहान एवं अन्य द्वारा लगभग चार से पांच बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
प्राधिकरण से आवश्यक स्वीकृति प्राप्त किए बिना विकसित की जा रही इस प्लॉटिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ध्वस्तीकरण किया गया। इस कार्रवाई के माध्यम से अवैध रूप से भूखंड विकसित करने की गतिविधियों पर रोक लगाने का प्रयास किया गया।
शक्ति कैनाल के समीप भी कार्रवाई
विकासनगर क्षेत्र में ही डॉक्टरगंज के पुल संख्या एक और दो के मध्य शक्ति कैनाल के समीप आशु उनियाल, हर्ष रावत एवं अन्य द्वारा लगभग पांच बीघा भूमि पर की जा रही अवैध प्लॉटिंग के खिलाफ भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। यहां अवैध रूप से विकसित की जा रही प्लॉटिंग को ध्वस्त किया गया। प्राधिकरण की इस कार्रवाई का उद्देश्य अनधिकृत भूखंडों के विकास पर अंकुश लगाना और नियोजन संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।
रायवाला में पांच बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग पर प्रहार
ऋषिकेश क्षेत्र के रायवाला निवासी प्रेम दत्त जोशी द्वारा संबंधित स्थल पर बिना तलपट मानचित्र स्वीकृति के लगभग पांच बीघा भूमि पर अवैध प्लॉटिंग की जा रही थी। प्राधिकरण ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए अवैध प्लॉटिंग का ध्वस्तीकरण किया। नियमानुसार मानचित्र स्वीकृति के बिना भूमि को प्लॉट के रूप में विकसित करना नियोजन व्यवस्था के अनुरूप नहीं है। ऐसे मामलों में प्राधिकरण की कार्रवाई अवैध रूप से विकसित की जा रही कॉलोनियों पर नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
हरिपुरकला व रायवाला में 2 निर्माण सील
अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए प्राधिकरण ने ऋषिकेश क्षेत्र में दो अन्य स्थानों पर भी सख्ती दिखाई। हरिपुर कला की गली संख्या पांच में कपिल मदान द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण को सील किया गया। इसके अलावा हरिद्वार रोड स्थित रायवाला में पंजाब नेशनल बैंक के निकट तुषार नरूला द्वारा किए जा रहे अवैध निर्माण पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।
अवैध निर्माणों पर जारी रहेगी कार्रवाई
प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध प्लॉटिंग और अनधिकृत निर्माण शहरी नियोजन के लिए चुनौती बने हुए हैं। ऐसे निर्माणों से भविष्य में सड़क, जल निकासी, पार्किंग और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। वहीं, बिना आवश्यक स्वीकृति के भूखंड खरीदने वाले लोगों को भी कानूनी और आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
ऐसे में जमीन खरीदने से पहले संबंधित भूमि की स्थिति, स्वीकृत लेआउट और आवश्यक मानचित्र की प्राधिकरण से पुष्टि करना जरूरी है। एमडीडीए की ओर से की गई इन पांच कार्रवाइयों में तीन स्थानों पर अवैध प्लॉटिंग ध्वस्त की गई, जबकि दो स्थानों पर अवैध निर्माण सील किए गए। प्राधिकरण की यह कार्रवाई क्षेत्र में नियोजित विकास सुनिश्चित करने और नियमों के विपरीत हो रहे निर्माणों पर अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।













