त्योहारों से पहले मिलावट पर FDA का प्रहार, 350 किलो संदिग्ध पनीर-मावा नष्ट, 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे
FDA cracks down on food adulteration ahead of the festive season; 350 kg of suspicious paneer and mawa destroyed, and samples of 7 food items sent for testing.

त्योहारों से पहले मिलावट पर FDA का प्रहार, 350 किलो संदिग्ध पनीर-मावा नष्ट, 7 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच को भेजे
मिठाई की दुकानों से लेकर ऑनलाइन स्टोर तक छापेमारी, काजू कतली, सोन पापड़ी और मिल्क केक के नमूने जांच को भेजे
देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखंड में त्योहारी सीजन में आम जनता को शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर देहरादून में भनियावाला, रानीपोखरी, डोईवाला और जीएमएस रोड क्षेत्र में व्यापक निरीक्षण अभियान चलाया गया।
इस दौरान बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों की जांच से लेकर मिठाई की दुकानों और ऑनलाइन खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले स्टोर का निरीक्षण किया गया। कार्रवाई के दौरान करीब 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर और 150 किलोग्राम संदिग्ध मावा नष्ट कराया गया, जबकि विभिन्न खाद्य पदार्थों के सात नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
सुबह पांच बजे से शुरू हुई कार्रवाई, अस्वच्छ परिस्थितियों में ले जाया जा रहा था पनीर-मावा
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने उपायुक्त खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आरएस रावत के नेतृत्व में भनियावाला और रानीपोखरी क्षेत्र में सुबह पांच बजे से बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों की जांच शुरू की। अभियान के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर महिंद्रा पिकअप वाहन संख्या UK 08 CA 7149 की जांच की गई। वाहन में साजिद, जसोदपुर, सुल्तानपुर, हरिद्वार की ओर से लाया गया करीब 200 किलोग्राम संदिग्ध पनीर अस्वच्छ परिस्थितियों में वितरित किया जा रहा था।
विभागीय टीम ने पनीर का नमूना लेकर शेष पनीर नष्ट करा दिया। इसी क्रम में बोलेरो वाहन संख्या UK 08 BD 3551 की जांच के दौरान शहजाद, अकबरपुर, क्लासों, भगवानपुर, हरिद्वार की ओर से लाया गया करीब 150 किलोग्राम संदिग्ध मावा मिला।
मावा वाहन की सीटों के नीचे पैरों के पास रखा गया था और उसमें दुर्गंध भी आ रही थी। खाद्य सुरक्षा टीम ने इसका नमूना लेकर शेष मावा नष्ट करा दिया। दोनों मामलों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुरक्षित परिवहन को लेकर गंभीर सवाल उठे हैं। नमूनों की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डेयरी, मिठाई की दुकानों और ऑनलाइन स्टोर पर भी नजर
अभियान के दौरान भनियावाला स्थित दुर्गा चौक की एक डेयरी से संदेह के आधार पर परम पनीर और सेलेक्सो पैक्ड पनीर के नमूने लिए गए। इसके बाद भनियावाला, रानीपोखरी और डोईवाला क्षेत्र की विभिन्न मिठाई की दुकानों का निरीक्षण किया गया। विभागीय टीम ने मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित होने की व्यवस्था भी जांची।
Crackdown on adulteration ahead of the festive season: 350 kg of suspicious paneer and mawa destroyed; samples of these food items sent for testing.
दूसरी ओर, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा मनीष सयाना के नेतृत्व में जीएमएस रोड स्थित विभिन्न मिठाई प्रतिष्ठानों और दुकानों का निरीक्षण किया गया। टीम ने ऑनलाइन खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले हाइपरनेक्स्ट (जेप्टो) स्टोर, ओलंपस हाई स्कूल के पास भी जांच की। यहां पैक्ड मिठाइयों पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि की पड़ताल की गई।
संदेह के आधार पर काजू कतली, सोन पापड़ी और मिल्क केक के तीन नमूने जांच के लिए लिए गए। इस प्रकार दोनों अभियानों में पनीर, मावा और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल सात नमूने जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
इन अधिकारियों ने संभाली अभियान की कमान
कार्रवाई में उपायुक्त खाद्य सुरक्षा गढ़वाल मंडल आरएस रावत, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा देहरादून मनीष सयाना, वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र रमेश सिंह तथा वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी सहित विभागीय टीम शामिल रही है।
सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता
आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि त्योहारों के दौरान आम जनता को सुरक्षित, शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस उद्देश्य से प्रदेशभर में मिलावट के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है।
देहरादून में की गई कार्रवाई के दौरान अस्वच्छ परिस्थितियों में परिवहन और वितरण किए जा रहे संदिग्ध पनीर एवं मावे को नष्ट कराया गया है। इसके साथ ही विभिन्न खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर जांच के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेजे गए हैं। उन्होंने कहा कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मिठाई की दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों में निर्माण तिथि एवं अवसान तिथि अंकित करना सुनिश्चित कराया जा रहा है।
ऑनलाइन माध्यम से खाद्य सामग्री की आपूर्ति करने वाले प्रतिष्ठानों को भी जांच के दायरे में शामिल किया गया है। जांच रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मिलावटखोरी पर प्रभावी अंकुश लगाने और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।












