चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में फंसे 1500 यात्रियों को संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर ऐसे सुरक्षित पहुंचाया गौरीकुंड
1,500 travelers stranded in the Chirbasa sliding zone were safely brought to Gaurikund through a joint rescue operation.

चीड़बासा स्लाइडिंग जोन में फंसे 1500 यात्रियों को संयुक्त रेस्क्यू अभियान चलाकर ऐसे सुरक्षित पहुंचाया गौरीकुंड
रुद्रप्रयाग, 28 सितम्बर 2026। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर चीड़बासा के पास देर रात स्लाइडिंग के चलते फंसे करीब 1500 यात्रियों को SDRF, NDRF और DDRF की संयुक्त टीमों ने सुरक्षित रेस्क्यू कर गौरीकुंड पहुंचाया।
27 सितम्बर 2026 की देर रात DCR रुद्रप्रयाग से सोनप्रयाग पुलिस को सूचना मिली कि गौरीकुंड से करीब तीन किलोमीटर आगे चीड़बासा क्षेत्र में स्लाइडिंग के कारण कई यात्री मार्ग के दूसरी ओर फंस गए हैं। सूचना मिलते ही SDRF सोनप्रयाग की टीम सब इंस्पेक्टर आशीष डिमरी के नेतृत्व में तत्काल मौके के लिए रवाना हुई।
मौके पर पहुंचने पर टीम को चीड़बासा हैलीपैड के समीप मार्ग पर स्लाइडिंग के कारण मलबा जमा मिला। इसके साथ ही पहाड़ी से लगातार पत्थर गिर रहे थे, जिससे यात्रियों की आवाजाही बेहद जोखिमपूर्ण हो गई थी। हालात को देखते हुए SDRF, NDRF और DDRF की टीमों ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया।
1,500 travelers stranded in the Chirbasa sliding zone were safely brought to Gaurikund through a joint rescue operation.
रेस्क्यू टीमों ने यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्लाइडिंग जोन को सावधानीपूर्वक पार कराया। इस दौरान करीब 1500 यात्रियों को सुरक्षित दूसरी ओर पहुंचाकर गौरीकुंड रवाना किया गया।
लगातार पत्थर गिरने और स्लाइडिंग के खतरे के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने समन्वय के साथ अभियान को पूरा किया।









