मुख्यमंत्री धामी से प्रदेश प्रधान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट, इन विषयों पर हुई चर्चा
Delegation of the State Pradhan Sangathan calls on Chief Minister Dhami; issues discussed.

- मुख्यमंत्री धामी से प्रदेश प्रधान संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने की शिष्टाचार भेंट, इन विषयों पर हुई चर्चा
- ग्राम पंचायतें ग्रामीण विकास की आधारशिला, पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री
देहरादून, ब्यूरो। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से रविवार को मुख्यमंत्री आवास में प्रदेश प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत के नेतृत्व में आए प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से ग्रामीण विकास, ग्राम पंचायतों की भूमिका तथा प्रदेश में संचालित विकास योजनाओं से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
हर दिशा से जुड़ रहा "उत्तराखण्ड"
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रतिनिधिमंडल का स्वागत करते हुए कहा कि ग्राम पंचायतें लोकतांत्रिक व्यवस्था की सबसे महत्वपूर्ण और मजबूत इकाइयों में से एक हैं। गांवों के समग्र विकास, स्थानीय स्तर पर जनसमस्याओं के समाधान तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने में ग्राम प्रधानों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ग्राम प्रधान ग्रामीण क्षेत्रों में जनता और प्रशासन के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करते हैं।
स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। गांवों में सड़क, पेयजल, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं के विस्तार के साथ ही ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि विकास योजनाओं का लाभ समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचे और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के जीवन स्तर में निरंतर सुधार हो।
Delegation of the State Pradhan Sangathan calls on Chief Minister Dhami; issues discussed.
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की वास्तविक शक्ति उसके गांवों, स्थानीय परंपराओं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था में निहित है। गांवों को सशक्त बनाकर ही आत्मनिर्भर उत्तराखंड के संकल्प को साकार किया जा सकता है। इस दिशा में पंचायत प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता, जनभागीदारी और स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकास कार्यों का क्रियान्वयन अत्यंत महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े विषयों पर पंचायत प्रतिनिधियों के सुझावों और अनुभवों को महत्व देती है। ग्राम पंचायतों को विकास की योजनाओं में प्रभावी भागीदारी के अवसर उपलब्ध कराना तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को और बेहतर बनाना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश प्रधान संगठन और ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधि राज्य सरकार के साथ समन्वय बनाकर ग्रामीण विकास को नई गति देने में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश प्रधान संगठन की प्रदेश अध्यक्ष योगिता कैंतुरा रावत, पंकज पोखरियाल (प्रदेश प्रभारी), ठाकुर कृपाल सिंह (जिलाध्यक्ष, उत्तरकाशी), शुभम मल (संगठन महामंत्री), सुधीर रतूड़ी (वरिष्ठ उपाध्यक्ष), सुरेंद्र सिंह चौहान (प्रदेश महामंत्री), जसपाल सिंह जस्सी (कुमाऊं मंडल अध्यक्ष), शौर्य लखेड़ा (प्रभारी, कुमाऊं मंडल), नयन कुमार (प्रदेश प्रवक्ता), सुभाष खत्री (ग्राम प्रधान, लासी) एवं संजय राणा (प्रदेश सचिव) उपस्थित रहे।





