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त्योहारों से पहले उत्तराखंड खाद्य संरक्षा विभाग का अभियान जारी, देहरादून में 14 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए

Uttarakhand Food Safety Department's campaign continues ahead of the festive season; 14 food samples collected in Dehradun.

त्योहारों से पहले उत्तराखंड खाद्य संरक्षा विभाग का अभियान जारी, देहरादून में 14 खाद्य पदार्थों के नमूने लिए

मिठाई की ट्रे पर निर्माण और एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य, सेवला कला, प्रेमनगर और ऋषिकेश में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण

त्योहारों के सीजन को देखते हुए आम उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने अपनी निगरानी तेज कर दी है। खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई के साथ ही विभाग ने मिठाई की दुकानों और बेकरी प्रतिष्ठानों के लिए विशेष निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने का अभियान शुरू किया है।

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इसके तहत मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि (एक्सपायरी डेट) अंकित करने की व्यवस्था की जांच की जा रही है। इसी क्रम में देहरादून के विभिन्न क्षेत्रों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कुल 14 खाद्य पदार्थों के नमूने जांच के लिए एकत्र किए गए।

स्वरोजगार एवं उद्यमिता योजनाएँ

आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन उत्तराखंड विनय शंकर पांडेय के निर्देशों पर जनपद देहरादून में यह विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बाजार में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ रोकना है। विभाग की टीमें मिठाई की दुकानों, बेकरी और अन्य खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन की जांच कर रही हैं।

सेवलाकला और प्रेमनगर में मिठाई-बेकरी प्रतिष्ठानों की जांच

अभियान के तहत वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी नगर निगम क्षेत्र देहरादून रमेश सिंह और वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी विकासनगर संजय तिवारी ने सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा जनपद देहरादून मनीष सयाना के नेतृत्व में सेवला कला, प्रेमनगर सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित खाद्य प्रतिष्ठानों और स्वीट्स शॉप का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से आयुक्त खाद्य सुरक्षा विनय शंकर पांडेय की ओर से जारी निर्देशों के अनुपालन की जांच की गई। इसमें मिठाइयों की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित किए जाने की व्यवस्था को प्रमुखता से देखा गया। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, उनकी बिक्री और उपभोक्ताओं को उपलब्ध कराई जा रही जानकारी का भी निरीक्षण किया गया।

इस दौरान संदेह के आधार पर खस्ता, बेवरेजेस, नमकीन सहित विभिन्न खाद्य पदार्थों के कुल आठ नमूने जांच के लिए लिए गए। विभागीय टीम ने संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने एकत्र कर उन्हें नियमानुसार जांच प्रक्रिया के लिए भेजने की कार्रवाई की।

ऋषिकेश में भी चला अभियान, छह नमूने लिए गए

वहीं, ऋषिकेश क्षेत्र में भी खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी ऋषिकेश क्षेत्र संतोष कुमार सिंह ने अलग-अलग प्रतिष्ठानों में उपलब्ध खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच की। इस दौरान संदेह के आधार पर इन्फेंट मिल्क, फूड सप्लीमेंट, बिस्कुट, जूस और बेवरेजेस सहित छह खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए गए। इस प्रकार देहरादून जनपद के विभिन्न क्षेत्रों में एक दिन में चलाए गए अभियान के दौरान कुल 14 खाद्य नमूने जांच के लिए लिए गए।

सभी नमूनों को परीक्षण के लिए राजकीय खाद्य विश्लेषणशाला भेज दिया गया है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद संबंधित खाद्य प्रतिष्ठानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यदि किसी खाद्य पदार्थ का नमूना मानकों पर खरा नहीं उतरता है तो संबंधित विक्रेता और प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं

आयुक्त खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन विनय शंकर पांडेय ने कहा कि आम उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। त्योहारों के दौरान मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य प्रतिष्ठानों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है कि वे उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मिठाई की ट्रे पर निर्माण तिथि और अवसान तिथि अंकित करना आवश्यक है, ताकि उपभोक्ताओं को यह जानकारी मिल सके कि उनके द्वारा खरीदी जा रही मिठाई कब तैयार की गई है और उसका उपयोग कितने समय तक सुरक्षित है।

इस व्यवस्था से उपभोक्ताओं को सही जानकारी मिलेगी और पुरानी मिठाइयों की बिक्री पर भी प्रभावी निगरानी रखी जा सकेगी।

विनय शंकर पांडेय ने कहा कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमें लगातार बाजारों में निरीक्षण कर रही हैं। संदेह होने पर खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने बताया कि त्योहारों को देखते हुए विभाग का यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

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